हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्यों और किसानों की मांगें मान ली गई हैं, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।:

स्मार्ट मीटर: किसानों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे।
गन्ना भुगतान: चीनी मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान सबसे पहले करेंगी।
अन्य समस्याएँ: किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें किसानों को भी शामिल किया जाएगा।
पुलिसकर्मी पर कार्रवाई: किसानों के साथ धक्का-मुक्की करने के आरोप में बहादराबाद थानाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया है।

यह सहमति जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोभाल के साथ टोल प्लाजा पर ही बनी।
करीब पांच दिन पहले, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में हरिद्वार के किसान अपनी मांगों को लेकर देहरादून जा रहे थे। उन्हें बहादराबाद टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। घटना का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बहादराबाद थानाध्यक्ष किसानों को धक्का देते नजर आए। इसके विरोध में, किसान टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए।

सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को देहरादून में बातचीत के लिए बुलाया। वार्ता के बाद, यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री के आह्वान पर किसान वापस टोल प्लाजा पर जमा हुए। शाम करीब 6 बजे, डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और किसानों से बात की। एसएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया है और बिना सबूत के किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वहीं, डीएम ने आश्वासन दिया कि स्मार्ट मीटर जबरदस्ती नहीं लगाए जाएंगे, और चीनी मिलें गन्ना किसानों का भुगतान पहले करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 28 अगस्त को एक बैठक होगी जिसमें किसानों को उनकी अन्य समस्याओं पर चर्चा के लिए बुलाया जाएगा।प्रशासन के इन आश्वासनों के बाद, किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।





