मुलदासपुर माजरे में विस्फोट: प्रशासन की लापरवाही से गई दीपचंद की जान, परिवार को मिले 50 लाख मुआवज़ा और नौकरी एवं घायल को मुआवजा

हरिद्वार जनपद के मुलदासपुर माजरे गांव में हुई पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता और नियमों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। इस भीषण हादसे में गांव निवासी दीपचंद की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया जो तथ्य सामने आए हैं, वे यह बताते हैं कि उक्त फैक्ट्री को केवल फुलझड़ी और अनार जैसे हल्के पटाखे बनाने की सीमित अनुमति प्राप्त थी, किंतु मौके पर भारी मात्रा में बारूद पाया गया। यह स्पष्ट संकेत है कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन हो रहा था और प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बसपा के जिला अध्यक्ष अनिल चौधरी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया कि अगर समय-समय पर उचित जांच और निगरानी की जाती, तो यह हादसा रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक व्यक्ति की जान जाने का मामला है, बल्कि यह सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारी प्रशासनिक व्यवस्था मानवीय जीवन की कीमत को समझती है?

अनिल चौधरी ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: मृतक दीपचंद के परिवार को ₹50 लाख का मुआवजा दिया जाए।
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, जिससे उनका जीवनयापन सुनिश्चित हो सके।
इस लापरवाही की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
घायल व्यक्ति को 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए,

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो बसपा आगे जनता के बीच जाके इस कमी को उजागर करेगी, ओर बसपा की सरकार आने पर कार्यवाही होगी
यह दुखद घटना न केवल दीपचंद के परिवार को शोक में डुबो गई, बल्कि गांव भर में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर गई है। यह समय है जब प्रशासन को सिर्फ घटना के बाद फॉर्मेलिटी पूरी करने के बजाय समय रहते जिम्मेदारी निभाने की आदत डालनी चाहिए। मौजूद रहे तुलसीराम मौर्य लोकसभा प्रभारी, धनराज वर्मा विधानसभा प्रभारी, अक्षय गौतम विधानसभा सचिव,
राकेश विधानसभा अध्यक्ष कलियर,
तेलूराम विधानसभा अध्यक्ष मंगलौर,
सोनी विधानसभा अध्यक्ष रुड़की,
मैनपाल जिला संयोजक,नितांत कुमार,राजकुमार जी आदि लोग मौजूद रहे ख़बर लिखे




