इमली खेड़ा की बेटी हिमांशी सैनी ने रचा स्वर्णिम इतिहास, गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया क्षेत्र का मान 🥇✨
इमली खेड़ा गांव के लिए यह पल ऐतिहासिक और गर्व से भरा रहा, जब गांव की प्रतिभाशाली बेटी हिमांशी सैनी ने गोल्ड मेडल जीतकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। उनकी इस शानदार उपलब्धि की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। हर घर में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर इस गौरवमयी क्षण का जश्न मनाया।

हिमांशी की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास का परिणाम है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इमली खेड़ा और आसपास के क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

गांव पहुंचने पर हिमांशी का भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और फूल-मालाओं की खुशबू के बीच उनका जोरदार अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों ने फूल बरसाकर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो हिमांशी को अपनी प्रेरणा मान रहे हैं।
इस अवसर पर आजाद समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव तेज प्रताप सैनी अपनी टीम के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने गोल्ड मेडल विजेता हिमांशी सैनी को फूल-मालाओं से सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिमांशी की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और उनकी मेहनत आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों और समाज के सम्मानित साथियों ने भी हिमांशी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रही हैं और हिमांशी ने यह साबित कर दिया है कि गांव की बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं।
हिमांशी सैनी की यह जीत केवल एक गोल्ड मेडल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आत्मसम्मान और विश्वास की जीत है। सभी ने कामना की कि वह भविष्य में भी इसी तरह देश और प्रदेश का नाम रोशन करती रहें और नई ऊंचाइयों को छूती रहें।
इमली खेड़ा की यह स्वर्णिम बेटी आज पूरे क्षेत्र की शान बन चुकी है।




