उत्तराखंडरूडकी

अतिक्रमण के नाम पर गरीब जलवीर की झोपड़ी तोड़ने का प्रशासन पर लगाया आरोप, जल्द करेंगे धरना प्रदर्शन:-नीलम चौधरी*

 

रुड़की। बीते शुक्रवार को प्रशासन द्वारा सोनाली पार्क समीप बनी झोंपड़ियों को तोड़ दिया गया, जिसमें सिंचाई विभाग नगर निगम रुडकी और तहसील की टीम द्वारा यह करत किया गया, वहीं रुड़की शहर के रहने वाले जलवीर मोनू द्वारा सैकड़ो लोगों की जान बचाने वाले जलवीर मोनू कुमार की झोपड़ी नगर निगम प्रशासन द्वारा तोड़ दि गई, वही सूचना पाकर मौके पर पहुंची सर्व समाज सेवा संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा नीलम चौधरी ने जलवीर मोनू से मुलाकात की और मीडिया को बताया कि आज तक सैकड़ो लोगों को नहर में डूब जाने व डूबने से जान बचाने वाले जलवीर मोनू के पास पहुंची है। जहां उन्होंने देखा कि जलवीर मोनू द्वारा बनाई गई झोपड़ी में भी प्रशासन के द्वारा तोड़फोड़ कर दी गई है। जलवीर मोनू को घर से बेघर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रुड़की नगर निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर जलवीर मोनू को घर से बेघर कर दिया गया है। प्रशासन को चाहिए कि अतिक्रमण के नाम पर जो बड़े सफेद पोसाक नेता, अधिकारी व व्यापारीयो ने पूरे शहर पर कब्जा कर रखा हैं। वहा जाकर निगम प्रशासन को अतिक्रमण को हटाने का काम करना चाहिये, वही गरीब परिवार का जलवीर जिसने गंगनहर में से सेकंडो लोगों की जान बचाई, उस जलवीर की झोपड़ी तोड़ने का काम रुड़की नगर निगम प्रशासन द्वारा किया गया। यह बहुत ही निंदनीय घटना है उन्होंने कहा कि वह प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे, हमारा संगठन जलवीर मोनू के साथ है, तन, मन, धन से। साथ खड़ा हैं।

वह मोनू का साथ देगी और वह प्रशासन से अपील करती है कि मोनू जलवीर को रहने की जगह दी जाए क्योंकि उसके छोटे-छोटे बच्चे और धर्मपत्नी आखिरकार कहां रहेगी यह एक बहुत बड़ा सवाल मौजूदा प्रशासन के सामने हैं। मौके पर मौजूद रहे जल वीर मोनू ने बताया कि निगम प्रशासन द्वारा कल शाम उसकी झोपड़ी तोड़ दी गई और उसे घर से बगैर कर दिया गया। उसने प्रशासन से अपील की है कि उसको कहीं रहने का आशियाना दिया जाए वहीं बताया कि अब तक गंग नहर से उन्होंने सैकड़ो लोगों की जान बचाई है जो व्यक्ति डूबने के लिए आया हो या डूब रहा हो या कोई मृत शरीर नहर में से निकलना हो यह सभी कार्य उसके द्वारा नि:शुल्क भाव से लगातार किए जाते हैं,और वहीं दूसरी और निगम प्रशासन द्वारा मेरा आशियाना तोड़कर मुझे बेघर कर दिया गया है। वह प्रशासन से अपील करते हैं कि उनको एक रहने के लिए घर दिया जाए।

 

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