अंकिता भंडारी व शानतरशाह दलित बेटी को न्याय दिलाने की मांग तेज, पीड़ितों की मां की गुहार पर सड़कों पर उतरे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी और शानतरशाह की दलित बेटी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। पीड़ित परिवारों की माताओं ने सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि लंबे समय बीत जाने के बावजूद दोषियों को सख्त सजा नहीं मिल पाई है, जिससे पीड़ित परिवारों को आज भी न्याय का इंतजार है।
इसी क्रम में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पीड़ित परिवारों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं और दलित बेटियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। हरीश रावत ने कहा कि जब तक दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और “न्याय दो, न्याय दो” के नारे लगाए गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पीड़ितों की माताओं की आंखों में आंसू और आवाज़ में दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों के साथ हुए अन्याय को भुलाया नहीं जा सकता और वे आखिरी सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगी।




