देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आशीष सैनी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम लि० (UJVNL), देहरादून द्वारा जारी निविदाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निविदा प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं।
आशीष सैनी ने अपने पत्र में बताया कि उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम द्वारा दिनांक 17 जून 2025 को निविदा संख्या 01/UJVNL/DGM(Civil-ATTP)/2025-26 लगभग 537.56 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाशित की गई थी। इस निविदा में सिविल, हाइड्रो मैकेनिकल और इलेक्ट्रो मैकेनिकल कार्यों को संयुक्त रूप से शामिल किया गया था।
उन्होंने कहा कि बाद में इसी निविदा को 21 अक्टूबर 2025 को संशोधित कर पुनः प्रकाशित किया गया, जिसमें अनुमानित लागत बढ़ाकर 678.56 करोड़ रुपये कर दी गई। सैनी के अनुसार लागत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का कोई स्पष्ट और उचित आधार दिखाई नहीं देता।
कांग्रेस नेता ने बताया कि उक्त निविदा को 5 दिसंबर 2025 को बिना किसी ठोस कारण के निरस्त कर दिया गया। इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को निविदा संख्या 02/UJVNL/DGM(Civil-ATTP)/2025-26 के रूप में सिविल और हाइड्रो मैकेनिकल कार्यों के लिए लगभग 538.85 करोड़ रुपये की नई निविदा जारी कर दी गई।
वहीं इलेक्ट्रो मैके
निकल कार्य के लिए अलग से निविदा संख्या 01/EMD-III/2025-26 दिनांक 21 जनवरी 2026 को लगभग 259.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाशित की गई। इन निविदाओं को 18 मार्च 2026 को खोला जाना प्रस्तावित है।




