पिरान कलियर (हरिद्वार)। ग्राम गुमावाला में सोमवार की रात सड़क पर दौड़ती हुंडई वर्ना कार अचानक आग की लपटों में घिर गई।
देखते ही देखते पूरी कार आग के गोले में बदल गई।
लेकिन उसी समय रुड़की फायर यूनिट के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना जो काम किया, वह काबिले-गौर है।
डीजल टैंक फटने से पहले ही आग पर काबू पाकर उन्होंने एक बड़ा हादसा टाल दिया, जिससे आसपास का पूरा इलाका बच गया।
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🔥 9:52 रात – खतरे की घड़ी और फायर टीम की फुर्ती
रात करीब 9 बजकर 52 मिनट पर रुड़की फायर स्टेशन को सूचना मिली कि ग्राम गुमावाला में कार में आग लग गई है।
सूचना मिलते ही फायर यूनिट रुड़की की टीम बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि हुंडई वर्ना (UK14-0301) कार आग में पूरी तरह घिरी हुई थी।
आग इतनी भीषण थी कि किसी भी पल डीजल टैंक फट सकता था, लेकिन टीम ने हाई प्रेशर पंप और फोम लाइन से जुझारूपन दिखाते हुए आग को नियंत्रित कर लिया।
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💬 चालक बोला — “अगर कुछ सेकंड और रुकता तो मैं जिंदा नहीं बचता”
वाहन चालक शादाब पुत्र लियाकत अली (निवासी गुमावाला) ने बताया —
> “गांव से निकलते ही बोनट से धुआं उठा। जैसे ही मैंने गाड़ी किनारे लगाई और बाहर निकला, पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। अगर मैं कुछ सेकंड और अंदर रहता, तो शायद जिंदा नहीं बचता।”
प्राथमिक जांच में वायरिंग शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया गया है।
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🚒 कांस्टेबलों ने भी दिखाई जिम्मेदारी, ग्रामीणों ने की तारीफ
अग्निशमन कार्य के दौरान चौकी इमलीखेड़ा (थाना कलियर) से कांस्टेबल राहुल चौहान और सुनील चौहान मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्य में सहयोग दिया।
ग्रामीणों ने कहा —
> “अगर फायर यूनिट कुछ मिनट भी देर करती, तो डीजल टैंक फटने से बड़ा धमाका हो जाता। इन जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पूरा इलाका बचाया।”
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💰 तीन लाख का नुकसान — पर बच गई कई ज़िंदगियाँ
कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
लगभग ₹3 लाख का नुकसान हुआ है, लेकिन फायर कर्मियों की बहादुरी से कई जानें बच गईं।
घटना की सूचना कंट्रोल रूम रुड़की और 112 सेवा को दी गई है।
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🏅 अब उठी मांग — “इन बहादुर अधिकारियों को सम्मानित करे प्रशासन”
गुमावाला और आसपास के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, एसडीएम रुड़की और अग्निशमन विभाग से मांग की है कि —
> “ऐसे वीर फायर कर्मियों को सम्मानित किया जाए जिन्होंने मौत को मात देकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। ये वही सच्चे अधिकारी हैं जिन पर जनता गर्व करती है।”
लोगों ने कहा कि
> “अक्सर हादसे के बाद लापरवाही की चर्चा होती है, लेकिन जब कोई टीम अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इतनी बहादुरी दिखाए तो उसे सम्मान और प्रशंसा मिलनी ही चाहिए।”
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🛑 प्रशासन से अपील
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि
समय पर पहुंची और पूरी लगन से काम करने वाली फायर यूनिट ही किसी भी आपदा में सबसे बड़ी रक्षक है।
अब बारी है प्रशासन की —
इन वीरों को सम्मान देकर पूरे विभाग का मनोबल बढ़ाने की।
VIP उत्तराखंड न्यूज़ की मांग:
“गुमावाला हादसे में बहादुरी दिखाने वाले फायर यूनिट रुड़की के सभी अधिकारियों और जवानों को जिला स्तर पर प्रशस्ति पत्र व सम्मान प्रदान किया जाए।”




