पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र। विजयदशमी के पावन पर्व पर ग्राम बाजूहेड़ी में रावण दहन का भव्य आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन होते ही ग्रामीणों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मुनीश सैनी और वरिष्ठ भाजपा नेता जय भगवान सैनी की मौजूदगी रही। दोनों नेताओं ने क्षेत्रवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए सत्य, धर्म और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

रावण दहन के साथ गूंजा सत्य की जीत का संदेश
ग्राम बाजूहेड़ी में विजयदशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। इस दौरान रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देखते ही बना और पूरा माहौल पर्व की खुशियों से सराबोर नजर आया।
भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान

इस अवसर पर मुनीश सैनी और जय भगवान सैनी ने कहा कि विजयदशमी का पर्व हमें सिखाता है कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है। भगवान राम का जीवन हमें मर्यादा, धैर्य, कर्तव्यनिष्ठा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि दशहरे का वास्तविक महत्व केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करना भी इस पर्व का प्रमुख संदेश है। प्रत्येक व्यक्ति को समाज में प्रेम, सद्भाव, आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत बनाने के लिए आगे आना चाहिए।
त्योहार हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान
दोनों नेताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने, आपसी संबंधों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। विजयदशमी हमें अच्छे विचारों को अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।
ग्राम बाजूहेड़ी में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम ने क्षेत्र में विजयदशमी की खुशियां बिखेरने के साथ ही सत्य, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और बुराई को त्यागकर अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

विजयदशमी का संदेश—बुराई पर अच्छाई की जीत, अहंकार पर मर्यादा की विजय और असत्य पर सत्य की हमेशा जीत।




