नगर पंचायत इमली खेड़ा। नगर पंचायत इमली खेड़ा के माजरी चौराहे पर वार्ड नंबर-9 में बने सरकारी पार्क में चोरी की घटना सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि पार्क का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों कराए जाने की चर्चा थी, लेकिन उद्घाटन से पहले ही पार्क में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि पार्क इमली खेड़ा पुलिस चौकी से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है कि चौकी के इतने नजदीक सरकारी पार्क में चोरी कैसे हो गई? क्या क्षेत्र में रात के समय नियमित पुलिस गश्त हो रही थी? यदि गश्त होती है तो चोरी की घटना की जानकारी पुलिस को समय रहते क्यों नहीं मिली?

चौकी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
माजरी चौराहा क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद लोगों में चर्चा है कि सार्वजनिक और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है। लोगों ने मांग की है कि चोरी की घटना के साथ-साथ उस समय की पुलिस गश्त और ड्यूटी रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
कितना सामान चोरी हुआ, इसकी भी हो जांच
स्थानीय लोगों ने पार्क का भौतिक सत्यापन कराकर यह पता लगाने की मांग की है कि पार्क में क्या-क्या सामान लगाया गया था और उसमें से कितना सामान गायब हुआ है। चोरी हुए सामान की कीमत और सरकारी नुकसान का भी आकलन किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि सरकारी धन से तैयार पार्क क्षेत्र की जनता की संपत्ति है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अब पुलिस के सामने चोरी खोलने की चुनौती
घटना के बाद अब निगाहें इमली खेड़ा पुलिस चौकी की कार्रवाई पर टिकी हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और आने-जाने वाले रास्तों की जांच से चोरों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
माजरी चौराहे पर चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर सरकारी पार्क में चोरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि पुलिस कब तक मामले का खुलासा करती है और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में हुई संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी तय होती है।




