रिपोर्ट अभिषेक सैनी
। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत सोमवार को राजभवन स्थित लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से कोर विश्वविद्यालय, रुड़की की कुलपति प्रो. (डॉ.) अनुभा सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं अत्याधुनिक तकनीक आधारित नवाचारों, अनुसंधान कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

प्रस्तुतीकरण के दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) अनुभा सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा एआई, डिजिटल शिक्षा, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आने वाले समय में विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई नई पहलें की जा रही हैं।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक शिक्षा की दिशा और दशा बदल रही है। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता और व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग उत्तराखंड को ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विश्वविद्यालयों को उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।
इस अवसर पर कोर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. राजेश कुमार तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक पैन्यूली भी उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और भविष्य की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।




