नगर पंचायत इमली खेड़ा में ईओ मैडम की लापरवाही उजागर, 3.68 लाख का शौचालय बना गंदगी का अड्डा
नगर पंचायत इमली खेड़ा में 3 लाख 68 हजार रुपये की लागत से बने सार्वजनिक शौचालय की हालत प्रशासन की पोल खोल रही है। सवालों के घेरे में सीधे ईओ मैडम हैं, जिनकी अनदेखी के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि
शौचालय में नियमित सफाई नहीं हो रही
गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था आम बात हो चुकी है
कर्मचारी मनमाने ढंग से ड्यूटी कर रहे हैं या आते ही नहीं
सबसे बड़ा सवाल – ईओ मैडम क्या कर रही हैं?
नगर पंचायत की मुख्य जिम्मेदारी ईओ मैडम की होती है, फिर भी
न कोई निरीक्षण
न कोई सख्त निर्देश
न ही लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई
क्या ईओ मैडम को जनता की परेशानी दिखाई नहीं देती, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं?
सुपरवाइजर की मनमानी भी ईओ की नाकामी का नतीजा
सफाई सुपरवाइजर खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि
👉 जब ईओ मैडम ही निगरानी नहीं करेंगी तो सुपरवाइजर क्यों जवाबदेह होगा?
कागजों में सब कुछ ठीक दिखाया जा रहा है, जबकि हकीकत में 3.68 लाख रुपये का शौचालय जनता के लिए बेकार साबित हो रहा है।
जनता पूछ रही है तीखे सवाल
क्या ईओ मैडम सिर्फ ऑफिस तक सीमित हैं?
क्या नगर पंचायत इमली खेड़ा में कोई जवाबदेही नहीं बची?

क्या लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता गंदगी में जीने को मजबूर रहेगी?
अगर जल्द ही ईओ मैडम ने खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला उच्च अधिकारियों और जांच एजेंसियों तक ले जाया जाएगा।
👉 अब सवाल साफ है – नगर पंचायत इमली खेड़ा को जवाब चाहिए, सिर्फ बहाने नहीं।




