इमलीखेड़ा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 3 के माजरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
जहां एक ओर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर धरातल पर तस्वीर बेहद भयावह नज़र आ रही है। माजरी की गलियों और मुख्य मार्गों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, नालियां उफन रही हैं, और वातावरण में बदबू फैली हुई है।

जब गढ़वाली की पीड़ा के जिला प्रभारी ने माजरी में कैमरे के साथ वास्तविक हालात का निरीक्षण किया, तो दृश्य देखकर हर कोई हैरान रह गया। जिन सड़कों पर विकास और सफाई की उम्मीद थी, वहाँ अब कूड़ा-कचरे और लापरवाही का साम्राज्य फैला हुआ है।
निवासियों का आरोप — सफाई कर्मी ड्यूटी पर फोन में व्यस्त, सफाई बस औपचारिकता
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब इमलीखेड़ा नगर पंचायत बनी थी, तब शुरुआती कुछ महीनों तक सफाई कार्य सुचारू रूप से चला। लेकिन धीरे-धीरे सफाई कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया।
लोगों का कहना है —
> “यहाँ सफाई कर्मी काम करने के बजाय फोन पर बात करते रहते हैं। सड़कें, नालियां और गलियां कूड़े से भर चुकी हैं। कोई देखने वाला नहीं है। सिर्फ नाम की सफाई हो रही है, असल में स्थिति बहुत खराब है।”

लोगों ने यह भी कहा कि कई बार उन्होंने मौखिक रूप से शिकायतें कीं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने मौके पर आकर स्थिति नहीं देखी। माजरी के अंदर का मुख्य मार्ग, इमली से आने वाला रास्ता और बेड़पुर से जुड़ा मुख्य मार्ग — तीनों जगह सफाई की हालत बद से बदतर है।
स्थानीय निवासियों की चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे लिखित शिकायत

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे इस विषय में उच्च अधिकारियों को लिखित में शिकायत दर्ज कराएंगे।
निवासियों की यह भी मांग है कि वर्तमान सफाई कर्मियों को हटाकर नए, जिम्मेदार कर्मी तैनात किए जाएं, ताकि क्षेत्र को गंदगी से मुक्त किया जा सके।
नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल — आखिर कौन देगा जवाब?
नगर पंचायत प्रशासन पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर क्यों नियमित सफाई का निरीक्षण नहीं हो रहा? क्यों सफाईकर्मी बिना जिम्मेदारी निभाए वेतन ले रहे हैं? और क्यों जनप्रतिनिधि केवल बैठकों और बयानों तक सीमित हैं?
इमलीखेड़ा की जनता अब जवाब चाहती है।
हर घर और गली से उठती दुर्गंध प्रशासनिक लापरवाही की कहानी कह रही है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
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अब सवाल उठता है — क्या नगर पंचायत इमलीखेड़ा के अधिकारी इस पर तुरंत कार्रवाई करेंगे या जनता को यूँ ही गंदगी के बीच जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा?
जनता को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए, वार्ड नंबर-3 माजरी की सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करेंगे।




