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सलग्ग 1962 एम्बुलेंस सेवा पशुपालकों केलिए वरदान साबित हो रही है।हरिद्वार जनपद मेंअप्रैल से अब तक हजारो पशुओं को चिकित्सा सेवा इस एम्बुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जा चुकी है।।

 

 

 सलग्ग 1962 एम्बुलेंस सेवा पशुपालकों केलिए वरदान साबित हो रही है।हरिद्वार जनपद मेंअप्रैल से अब तक हजारो पशुओं को चिकित्सा सेवा इस एम्बुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जा चुकी है।।

 

 

:उत्तराखंड सरकार की ओर से पशुपालकों के पशुओं की उनके घर पर ही चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रारंभ की गई 1962 एंबुलेंस सेवा जनपद में पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित हो रही है ।1962 एंबुलेंस सेवा जब से जिले में प्रारंभ हुई है तब से अब तक हजारो पशुओं को मोबाइल टीम ने पशुपालकों के घरों पर जाकर आवश्यक उपचार कर पशुओं के प्राणों की रक्षा की है। बीमार पशुओं व आवारा पशुओं का इलाज भी किया जाता है। बीमार पशुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही 1962 एंबुलेंस सेवा पशुपालको के लिए वरदान साबित हो रही है।लक्सर के ग्रामीण क्षेत्रों मे लोगों की सूचना पर मोबाईल यूनिट मौके पर पहुंच रही है। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए वेटनरी वैन गांव – गांव पहुंचकर निशुल्क टीकाकरण कर रही है।

लक्सर ब्लॉक में 1962 एंबुलेंस को अलर्ट मोड पे रखा गया है । हरिद्वार जनपद के सभी विकास करो में पशुओं का पशुपालक के घर पर पहुंचकर तत्काल इलाज करने के लिए 5 एंबुलेंस सेवाएं दी गई हैं। वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी लक्सर डॉक्टर राजीव कुमार ने बताया कि वेटनरी वैन केवल गंभीर रूप से बीमार या घायल पशुओं के इलाज को प्राथमिकता के आधार पर करती है। इसके अलावा बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए गांव गांव निशुल्क टिकाकरण किया जा रहा है। एक वैन पर एक चिकित्सक एवं एक सहायक टेक्नीशियन वह एक ड्राइवर मौजूद रहता है जो पशुओं का मौके पर जाकर इलाज करता है दवाई भी शासन की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है जिसका कोई शुल्क नहीं लिया जाता। सभी सेवाएं शासन की ओर से निशुल्क दी जा रही हैं

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