रिपोर्ट अभिषेक सैनी
हरिद्वार यूनिवर्सिटी में आज विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस (World Intellectual Property Rights Day) बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बौद्धिक संपदा की उपयोगिता, इसकी सुरक्षा और नवाचार के क्षेत्र में इसके योगदान पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक विशेष कार्यशाला (Workshop) का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सुषमा सनासम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की से आमंत्रित की गई थीं। उन्होंने Intellectual Property Rights (IPR) के विभिन्न पहलुओं जैसे पेटेंट (Patent), (कॉपीराइट (Copyright) ट्रेडमार्क (Trademark) र डिज़ाइन राइट्स के बारे में अत्यंत प्रभावशाली और सरल भाषा में छात्रों को समझाया।

डॉ. सुषमा ने यह भी बताया कि कैसे एक छोटा-सा विचार या खोज अगर संरक्षित किया जाए, तो वह भविष्य में न केवल व्यक्ति को पहचान दिला सकता है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी अहम भूमिका निभा सकता है। छात्रों की भागीदारी और प्रस्तुतियाँ हरिद्वार यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य और छात्र बड़ी संख्या में इस वर्कशॉप में शामिल हुए। छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अब तक कई इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं, लेकिन इस वर्कशॉप ने उन्हें यह समझने में मदद की कि इन विचारों को पेटेंट कराना कितना ज़रूरी है।

एक छात्र ने कहा, “आज हमें यह समझ में आया कि सिर्फ आइडिया होना काफी नहीं है, उसे सुरक्षित कराना और समाज के लिए उपयोगी बनाना भी हमारी ज़िम्मेदारी है। इस शुभ अवसर पर वीसी डॉ0 धर्मवीर सिहं, पीवीसी डॉ0 रमा भार्गव] डॉ0 आदेश आर्य] डॉ0 विपिन सैनी] डॉ0 एकता जैन] डॉ0 निर्मल पाण्डेय डॉ0 हिमाद्री फुकन] डॉ0 रोहित] डॉ0 हिमाुशु, प्रो0 सोनिया शर्मा, प्रो0 विनिता पाण्डेय, प्रो0 मानसी मोर्य, प्रो0 आकांक्षा मिश्रा, प्रो0 संजना, प्रो0 धारणा पंवार, डॉ हरि सुदन, आदि सभी सदस्यगण उपस्थित रहे




